स्टेट पेज जशपुर सुनील सिन्हा :-
जिले में पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासनहीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले पांच आरक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच के बाद अंतिम आदेश जारी किया है। कार्रवाई के तहत तीन आरक्षकों को सेवा से पृथक कर दिया गया है, जबकि दो अन्य को कठोर विभागीय दंड दिया गया है।
पुलिस रेगुलेशन नियम 221(अ) के तहत की गई कार्रवाई में आरक्षक क्रमांक 737 संतोष कुमार राम, आरक्षक क्रमांक 525 नेल्सन तिग्गा तथा आरक्षक क्रमांक 394 अशोक कुमार एक्का को बार-बार लंबे समय तक अनधिकृत रूप से गैरहाजिर रहने और सुधार के पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद आचरण में सुधार नहीं करने पर सेवा से पृथक कर दिया गया है।
वहीं आरक्षक क्रमांक 47 इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के बराबर धनराशि की संचयी कटौती तथा आरक्षक क्रमांक 144 बिंदेश्वर राम को एक वर्ष के लिए न्यूनतम वेतनमान में रखने का दंड दिया गया है, जिसका प्रभाव उनकी भविष्य की वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा।
विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित आरक्षक लंबे समय तक बिना अनुमति गैरहाजिर रहे और छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन करते रहे। कई मामलों में उन्हें पूर्व में भी अनेक बार चेतावनी एवं दंड दिए जा चुके थे, लेकिन उनके व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इस संबंध में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, लापरवाही और स्वेच्छाचारिता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।




