स्टेट पेज जशपुर सुनील सिन्हा :-
राष्ट्र सेविका समिति द्वारा शनिवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर के वनवासी कल्याण आश्रम स्थित वनयोगी बालासाहेब देशपांडे स्मारक भवन में ध्वज पूजा एवं गुरु पूजन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेविकाओं ने भगवा ध्वज को गुरु मानकर राष्ट्रसेवा, संस्कार और समाज उत्थान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव एवं राजा देवशरण जिला चिकित्सालय की हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। वहीं समिति की बौद्धिक प्रमुख गायत्री देवता ने मुख्य वक्ता के रूप में सेविकाओं का मार्गदर्शन किया।
प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र सेविका समिति का यह आयोजन गुरु और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सेविकाएं भगवा ध्वज को गुरु मानकर राष्ट्र उत्थान का संकल्प लेती हैं, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है और ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में गुरु को देवताओं से भी उच्च स्थान दिया गया है।
डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव ने कहा कि जिस प्रकार चिकित्सक मानव शरीर का उपचार करते हैं, उसी प्रकार राष्ट्र सेविका समिति दशकों से भारतीय मातृशक्ति को शिक्षित, संस्कारित और सशक्त बनाकर समाज को स्वस्थ एवं सुदृढ़ बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने-अपने कार्यक्षेत्र में श्रेष्ठतम योगदान देकर भारत को गौरव के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाए।
मुख्य वक्ता गायत्री देवता ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं। राष्ट्र सेविका समिति भगवा ध्वज को गुरु मानकर राष्ट्रभक्ति, सेवा और संस्कारों के भाव को समाज में सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्र सेविका समिति द्वारा प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ध्वज पूजा एवं गुरु पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। गुरु पूर्णिमा से लेकर रक्षाबंधन तक समिति की विभिन्न शाखाओं में ऐसे आयोजन कर सेविकाओं को राष्ट्रसेवा और सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रेरित किया जाता है।




