स्टेट पेज जशपुर सुनील सिन्हा :-
विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा के ऑनलाइन पंजीयन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए बुधवार को सैकड़ों की संख्या में कोरवा समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट भवन की दूसरी मंजिल स्थित आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
धरने में शामिल मनोरा विकासखंड के पटिया निवासी जगमेल राम ने आरोप लगाया कि पहाड़ी कोरवा के ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया के दौरान उनसे मिसल बंदोबस्त सहित कई दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2002 में शासन द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में नाम शामिल होने के बावजूद अब तक उन्हें सूची में नहीं जोड़ा गया है। ऐसे में वे आवश्यक प्रमाण पत्र कहां से लाएं, यह सबसे बड़ी समस्या है।
वहीं पंडरसीली से आए बिफनाथ ने कहा कि बगीचा विकासखंड में पहाड़ी और दिहाड़ी कोरवा के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के बीच वर्षों से सामाजिक और पारिवारिक संबंध हैं तथा वैवाहिक रिश्ते भी होते रहे हैं। ऐसे में दोनों वर्गों के बीच अलग-अलग व्यवहार किए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पहाड़ी और दिहाड़ी कोरवा के बीच किए जा रहे भेदभाव को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन और जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीर पहल नहीं कर रहा है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, वे सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने से नहीं हटेंगे।
समाचार लिखे जाने तक आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह तथा एसडीएम जशपुर वी.आर. मस्के धरनारत लोगों को समझाने-बुझाने में जुटे हुए थे।
वर्जन
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग संजय सिंह ने बताया कि सर्वेक्षण में छूट गए लोगों को सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर संभाग मुख्यालय भेज दिया गया है। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।




