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पहले बेची गई जमीन की दोबारा रजिस्ट्री का मामला, तीन आरोपियों पर धोखाधड़ी व कूटरचना की एफआईआर दर्ज

स्टेट पेज जशपुर / बगीचा – सुनील सिन्हा :-

जिले के बागीचा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए पहले से विक्रय की जा चुकी भूमि को दोबारा बेचने के गंभीर मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बागीचा थाना में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0164/2026 के तहत आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336, 338, 339 एवं 61(2)(a) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

अतिरिक्त तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

    प्रकरण की शिकायत अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती उषा सिंह ने थाना बागीचा में दर्ज कराई। शिकायत में ग्राम रायकेरा निवासी लीलाधर, बंशीधर एवं परमानंद पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने वरिष्ठ न्यायालयों के आदेशों की अवहेलना करते हुए तथ्यों को छिपाया, राजस्व अभिलेखों में कूटरचना की और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय को गुमराह कर पहले से विक्रय भूमि का दोबारा विक्रय कर दिया।

   2010 में हुई थी पहली रजिस्ट्री

जांच के अनुसार ग्राम रायकेरा स्थित खसरा नंबर 49/4 की 0.250 हेक्टेयर भूमि बंशीधर ने 28 जून 2010 को विधिवत पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से अशोक कुमार अग्रवाल के नाम बेच दी थी। हालांकि भूमि क्रेता अशोक कुमार के आकस्मिक निधन और उनके वारिसों के समय पर नामांतरण नहीं करा पाने के कारण यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में विक्रेता के नाम पर ही दर्ज रही। बाद में अशोक कुमार के विधिक वारिस विवेक अग्रवाल ने नामांतरण के लिए आवेदन किया, जिस पर तहसीलदार न्यायालय ने 15 जुलाई 2022 को उनके पक्ष में आदेश पारित कर दिया।

नामांतरण से पहले भाई को बेच दी जमीन

शिकायत के अनुसार नामांतरण आदेश पारित होने से दो दिन पहले, 13 जुलाई 2022 को बंशीधर ने उसी भूमि का एक हिस्सा अपने छोटे भाई लीलाधर के नाम विक्रय कर दिया। इससे राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी पैदा हुई और वारिसों के नाम पूरा नामांतरण नहीं हो सका।

   दूसरे खरीदार की भूमि भी रिकॉर्ड से हटवाई

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2010 में ही खसरा नंबर 49/4 की शेष 0.429 हेक्टेयर भूमि भगवानों राम यादव को भी बेची जा चुकी थी, जिसका नामांतरण होकर नया खसरा नंबर 49/7 दर्ज हो गया था।
आरोप है कि बाद में आरोपियों ने तहसील न्यायालय में त्रुटि सुधार का आवेदन देकर भगवानों राम यादव को पक्षकार बनाए बिना और उन्हें सुनवाई का अवसर दिए बिना न्यायालय को गुमराह किया। कथित रूप से झूठे दस्तावेजों के आधार पर खसरा नंबर 49/7 को समाप्त कराकर भूमि को फिर से मूल खसरा नंबर 49/4 में जोड़वा लिया गया।

    बेटे के नाम कर दी दोबारा रजिस्ट्री

राजस्व रिकॉर्ड में भूमि अपने नाम दर्ज कराने के बाद आरोपियों ने कथित रूप से उसी भूमि को दोबारा बंशीधर के पुत्र परमानंद के नाम विक्रय कर दिया। जांच में इसे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना, कूटरचना, धोखाधड़ी और राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी का मामला माना गया है।

  सुशासन तिहार शिविर में हुई शिकायत, जांच में खुला मामला

पीड़ित पक्ष विवेक अग्रवाल एवं भगवानों राम यादव ने 30 मई 2025 को सुशासन तिहार शिविर, टटकेला में आवेदन देकर न्याय की मांग की थी। इसके बाद तहसील कार्यालय बागीचा में विस्तृत जांच की गई, जिसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर अतिरिक्त तहसीलदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

बागीचा थाना पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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