स्टेट पेज – जशपुर – सुनील सिन्हा :–
किसी के लिए रक्त की एक बूंद उम्मीद बन जाती है, तो किसी के लिए यही बूंद जिंदगी और मौत के बीच का अंतर। इसी जीवनदायी सेवा को अपना संकल्प बनाकर जशपुर नगर के व्यवसायी एवं समाजसेवी अमर चौधरी ने 100 से अधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। उनके इसी सेवाभावी योगदान को देखते हुए शहर की सामाजिक संस्था सूर्यमंडल संगठन ने विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया।
अमर चौधरी का यह सफर केवल रक्तदान के आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय किसी अनजान व्यक्ति की मदद के लिए आगे आने की भावना से जुड़ा है। जरूरतमंद मरीजों, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए रक्त की आवश्यकता होने पर वे लगातार सहयोग करते रहे हैं। उनका यह समर्पण समाज में सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी का संदेश दे रहा है।
रक्तदान को बनाया जीवन का संकल्प
आज के दौर में जहां लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या में उलझे रहते हैं, वहीं अमर चौधरी ने रक्तदान को मानव सेवा का माध्यम बनाया है। 100 से अधिक बार रक्तदान करना उनके लंबे सेवाभावी सफर और दूसरों की जिंदगी बचाने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका प्रयास यह संदेश देता है कि समाज में बड़ा बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, बल्कि किसी जरूरतमंद के लिए समय पर उठाया गया एक कदम भी अनमोल साबित हो सकता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने अमर चौधरी
सूर्यमंडल संगठन के पदाधिकारियों ने अमर चौधरी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका सेवाभाव समाज के लिए प्रेरणादायी है। रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रोत्साहित करने में ऐसे समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अमर चौधरी का उदाहरण युवाओं को यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि वे भी अपनी क्षमता के अनुसार समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए योगदान दे सकते हैं।
सम्मान को बताया सभी रक्तदाताओं का सम्मान
सम्मान प्राप्त करने पर अमर चौधरी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी रक्तदाताओं का है, जो निस्वार्थ भाव से किसी अनजान की जान बचाने के लिए रक्तदान करते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का ऐसा माध्यम है, जिससे जरूरत के समय किसी परिवार को नई उम्मीद मिल सकती है। जब तक उनका स्वास्थ्य साथ देगा, वे इस नेक कार्य को जारी रखेंगे और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते रहेंगे।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाएं, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें और चिकित्सकीय पात्रता के अनुसार नियमित रूप से रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।
सूर्यमंडल संगठन की इस पहल ने अमर चौधरी के योगदान को सम्मान देने के साथ ही समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को भी रेखांकित किया। जशपुर में उनका यह सेवाभावी प्रयास इस संदेश के साथ प्रेरणा दे रहा है कि रक्तदान सिर्फ एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी अनजान को जीवन देने का मानवीय संकल्प है।






