जशपुरनगर :- दुलदुला वन परिक्षेत्र के नोनपानी जंगल में 15 वर्षीय नर हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि वन्यजीवों के शिकार के लिए जंगल में बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई थी। घटना के बाद आरोपितों ने सबूत मिटाने के लिए तार हटाकर जंगल और घरों में छिपा दिए थे।
डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि 24 सितंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे ढोढ़ीआरा के नोनपानी जंगल में हाथी का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को खाली कराकर जांच शुरू की। गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान और पुलिस विभाग के डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की बारीकी से तलाशी ली गई।
जांच के दौरान टीम को करंट वाले तार हटाए जाने के निशान मिले। संदेह के आधार पर ढोढ़ीआरा गांव के तीन घरों की तलाशी ली गई, जहां से करंट प्रवाहित करने के उपकरण और तार बरामद किए गए। एक घर से मोर समेत अन्य वन्यजीवों के अवशेष भी मिले।
पूछताछ में पोनाहारी गांव के सलिंदर राम और रूपेश एक्का ने बताया कि उनके सहित 11 लोगों ने मिलकर वन्यजीवों के शिकार के लिए जंगल में बिजली का तार बिछाया था। 24 सितंबर की सुबह उसी तार की चपेट में आने से हाथी की मौत हो गई। घबराकर सभी आरोपितों ने घटनास्थल से तार हटाकर कुछ सामान घर में और बाकी जंगल में छिपा दिया था। आरोपितों की निशानदेही पर वन विभाग ने अपराध में प्रयुक्त तार और अन्य सामग्री जब्त कर ली।
वन विभाग ने इस मामले में धुरीअंबा निवासी समीर टोप्पो, अगस्तुस एक्का और रूपेश एक्का, ढोढ़ीआरा निवासी दिनेश राम तथा कोहड़ाफारी निवासी सलिंदर राम और तरसियुस राम को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।






